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हाल ही की उपलब्धियां - पादप कार्यकि

पादप कार्यकि

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तापमान प्रेरक प्रतिक्रिया तकनीक का इन वीवो और इन विटरो हालातों में माननिकरण:

बी.ओ.डी. इन्क्यूबेटर में 4 अव्धियों (5, 10, 15 और 20 घंटे) के लिये 7 तापमानों (39 41, 43, 45, 47, 48 और 490सी) के हालातों में कलिका चिप्स से उत्पादित 30 दिन के पौधों (इन वीवो) और कैलस (इन विटरो) को रखा गया। गर्मी के तनाव में तापमान व अवधि के बढ़ने के साथ साथ पौधों की उत्तरजीविता और कैलस की विकास क्षमता में क्रमशः गिरावट देखी गई। पौधों के लिये 480सी. पर 20 घंटे व कैलस के लिये 480सी. पर 15 घंटे के तनाव संकटमय थे। को. 86032 के पौधों और कैलस में तापमान सहनशीलता के विकास के लिये प्रेरक संकटमय उपतापमान को मानकिकृत करने के लिये अध्यन किये गये। इस कार्य के लिये कलिका चिप्स से उत्पादित पौधों को. 86032 के पौधों को क्रमशः 38, 40, 42 से 440सी. पर 10 और 15 घंटों पर रखने के बाद उन्हें संकटमय 480सी. के तापमान पर 10 घंटों के लिये रखा गया। इस परीक्षण से कलिका चिप्स से उत्पादित पौधों के लिये अनुकूलतम प्रेरक तापमान 400सी. पर 10 घंटे के लिये पाया गया। इसी प्रकार को. 86032 के कैलस को क्रमशः 38, 40, 42 से 440सी. पर 10 और 15 घंटों पर रख कर उन्हें संकटमय 480सी. के तापमान पर 10 घंटों के लिये रखा गया। इस परीक्षण से कैलस के लिये अनुकूलतम प्रेरक तापमान 420सी. पर 10 घंटे के लिये पाया गया।

तापमान प्रेरक प्रतिक्रिया तकनीक के लिये 6 लोकप्रिय प्रजातियों पर इन वीवो और इन विटरो में परीक्षण:

इन वीवो और इन विटरो में तापमान प्रेरक प्रतिक्रिया तकनीक के लिये 6 प्रजातियों (को. 99004, को. 2001-13, को. 2001-15, को.एम. 265, को. 218 और को. 315) को प्रयोग में लाया गया। सभी प्रजातियों में, उच्च तापमान से प्रेरित कैलस व पौधों में, प्रेरित न किये गये कैलस व पौधों के मुकाबले, घुलनशील प्रोटीन, प्रोलीन, ग्लाईसीन बीटेन, फिनोलों की कुल मात्रा और आर.ओ.एस. एन्जाइम क्रिया को अधिक पाया गया। यद्यपि उच्च तापमान के कारण को. 218, को. 315 और को. 99004 में को.एम. 265, को. 2001-13 और को. 2001-15 के मुकाबले एच.एसपीएस और चयापचयों का अधिक उत्पादन देखा गया।

सूखे और लवणता के लिये सहनशीलता

  • करनाल केन्द्र में गमलों में किये गये अध्यनों में को 0238 को लवणता सहनशील पाया गया और इसने संवेदनशील को.जे. 64 से पत्तों में कम सोडियम को संचित किया। गमलों में रेतीले माध्यम को लवणीय बनाने व लवणीयता को हटानें के अध्यनों से पता चला की लवणता के प्रभाव कुछ हद तक आयनिक और कुछ हद तक जल कमी तनाव के कारण लगते हैं और यह कृन्तक की सापेक्ष लवणता सहनशीलता पर भी निर्भर करता है। लवणता प्रकाश संश्लेषण की दरों को मुख्यतया स्टोमेटा चालकत्व के द्वारा ही प्रभावित करती है। को. 05011 और को. 0239 भी लवणता सहनशील कृन्तक हैं।
  • उपोषणकटिबंधीय हालातों में सूखा प्रबन्धन और सर्दियों में शुरू हुई पेड़ी की फसल की उत्पादक्ता को बढ़ाने के कार्य प्रगति पर हैं।

ऊर्जा फसल के रूप में अध्यन

गन्ने में ऊर्जा उत्पादन क्षमता के अध्यन

निर्माणात्मक प्रावस्था में: शुरुआती परीक्षणें में ऊर्जा उत्पादन कलोरिफिक मूल्य के रुप में पत्ति, पत्ति की शीथ और तने में अलग अलग निर्माणात्मक, बृहत संवर्धन और परिपक्वता प्रवस्थाओं में चुनी गई प्रजातियों में जांचा गया। रस की गुणवत्ता को परिपक्वता के महीनों में मूल्यांकित किया गया।

Energy production at formative phase

को. 94008 में पत्ति और तनें का सूखा भार अबसे अधिक पाया गया अतः 4.32 किलो कैलोरी/मी.2 का कुल सूखा भार उत्पादन भी इस प्रजाति में सर्वाधिक था। पत्ति, शीथ और तने में औसत विभाजन क्रमशः 16.87, 9.31 और 73.82% स्पष्ट करता है की शाखाओं का अधिकतम सूखा पदार्थ तने में था। पत्ति की ऊर्जा उत्पादन क्षमता कम से कम को. 0314 में 2681 किलो कैलोरी/किलोग्राम से बढ़कर को. 99004 में निर्माणात्मक प्रावस्था में सार्वधिक 4025 किलो कैलोरी/किलोग्राम सूखा भार थी (चित्र 1)। को. 94008 में यह 3607 और को. 86032 में 3228 किलो कैलोरी/किलोग्राम दर्ज की गई। शीथ में कैलोरिफिक मूल्य को. 99004 में 2371 और सार्वधिक 86032 में 3805 किलो कैलोरी/किलोग्राम देखा गया। को. 99004 के तने में ऊर्जा की मात्रा सबसे अधिक 3488 किलो कैलोरी/किलोग्राम थी जिसके पीछे को. 86032 में यह क्षमता 3295 किलो कैलोरी/किलोग्राम थी।

ऊर्जा फसल के रूप में अध्यन......

वृहत वृद्धि प्रावस्था और कटाई के समय ऊर्जा उत्पादन क्षमता

बृहत वृद्धि प्रावस्था में ऊर्जा उत्पादन क्षमता तने में सराहनीय ढंग से बढ़ोतरी देखी गई। को. 94008, को. 99004 और को. 0314 में ऊर्जा उत्पादन क्षमता 4000 किलो केलोरी/किलोग्राम से अधिक पाई गई जो गन्ने के तने की ऊर्जा उत्पादन में उच्च योगदान को इंगित करता है।


Energy production at Grand growth phase

गन्ने की कटाई के समय पत्तियों में सबसे अधिक 4131 किलो कैलोरी/किलोग्राम ऊर्जा उत्पादन को. 0218 में देखा गया जबकि तने में सार्वधिक ऊर्जा उत्पादन 4029 किलो कैलोरी/किलोग्राम को. 99004 में दर्ज किया गया। तने में को. 86032 ने 3856, को. 94008 ने 3825, को. 62175 ने 3840 और को. 0314 ने 3825 किलो कैलोरी/किलोग्राम ऊर्जा उत्पादन दिखाया। अतः आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन गन्ना कृषि में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान पाने वाला है इसलिये ऊर्जा सम्पन्न गन्ने की प्रजातियों की पहचान और विकास पर अधिक ध्यान समय की मांग है।

दूसरे परीक्षण
  • खेत के हालातों में गन्ने में ईथरल और ग्लाईफोसेट के शर्करा संश्लेषण और संचयन पर प्रभाव को मूल्यांकित किया गया।
  • गन्ने में ब्याँतों की मृत्युशीलता और उनके उत्तरजीवता को बेहतर बनाने के लिये अध्यन किये जा रहे हैं।

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