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को. 0238 (करण 4)

प्रजाति के गुण

को. 0238 को को.एल.के 8102 x को. 775 के क्रास की संतति से चुना गया है। इस कृन्तक को गन्ना प्रजनन संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, करनाल में उगाई गई नर्सरी की पौध से प्राप्त पेड़ी से पहचाना गया और इसे पूर्व क्षेत्रीय प्रजाति परीक्षण में के.96-450 के रूप में परीक्षित किया गया। इसे एक अगेती कृन्तक के रूप में पहचाना गया क्योंकि इसके रस में को.जे. 64 से बेहतर पोल% नवम्बर, जनवरी व मार्च के महीनों में देखी गई। इसके साथ ही इसकी गन्ना व चीनी उत्पादन क्षमता भी को.जे. 64 से बेहतर थी।

मुख्य लक्षण

को. 0238 के गन्ने मध्यम मोटाई वाले जिनका रंग हरा-पीला, पोरियां गोलाकार, कलिकायें पंचकोनी बिना गद्दी, तिकोने आउरिकल और इसमें कलिका खाँचा उथला था। इस कृन्तक में पत्तियों की शीथ पर कांटे नहीं पाये जाते हैं। गन्ने बिना फटाव व उनमें पिथ का बनना भी नहीं पाया जाता। इसमें रेशे की मात्रा 13.05% है। इसका गुड़ हल्के पीले रंग वाला ए.1 ग्रेड का है। यह कृन्तक क्षेत्र में लाल सड़न रोगजनकों की पाये जाने वाली रेसों के विरुद्ध इनाक्यूलेशन की प्लग विधि से मध्यम प्रतिरोधिता दिखाता है जबकि नोडल विधि से इसे प्रतिरोधि पाया गया है। गर्मी के महीनों में इसके पत्तों का सूखना आम बात है मगर किसानों को इससे डरने की कोई आवश्यक्ता नहीं क्योंकि गन्ना उत्पादन पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता।

उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में को. 0238 का प्रदर्शन

इस कृन्तक को अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अन्तरगत उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के लिये मूल्यांकित किया गया। क्षेत्र में इस कृन्तक को 81.08 टन/है0 गन्ना उत्पादन के साथ प्रथम स्थान, और 9.95 टन/है0 के चीनी उत्पादन के साथ दूसरा स्थान और इसकी रस में शर्करा 18.00% के आधार पर पांचवां स्थान प्राप्त हुआ। मुख्य मानक प्रजाति को.जे. 64 के मुकाबले इस प्रजाति ने गन्ना उत्पादन में 20.00%, चीनी उत्पादन में 16.00% और रस में शर्करा में 0.50% की उन्नति दिखाई।

सर्दियों के दौरान पेड़ी फुटाव क्षमता

को. 238 को सर्दियों में फुटाव के लिये मूल्यांकित किया गया है। पौधा फसल की कटाई सर्दियों में करने पर एक अच्छी पेड़ी की फसल प्राप्त होती है अतः को. 0238 सर्दियों में काटा जा सकता है। को. 0238 को वसंत ऋतु के मुकाबले सर्दियों में काटने से केवल 4.66% गन्ना उत्पादन में कमी देखी गई जबकि को.जे. 64 में यह कमी 41.29% की देखी गई। देश के उपोषणकटिबंधीय क्षेत्र में को. 0238 पेड़ी की दूसरी फसल लेने के लिये भी उपयुक्त है।

सिफारिश

कृषि फसलों की प्रजातियों के फसल मानकों, अधिसूचना व लोकार्पण के लिये गठित केन्द्रीय उप-समिति द्वारा को. 0238 को करण 4 के नाम से 2009 में लोकार्पित किया गया। यह प्रजाति पूर्ण सिंचित, सिंचाई की कमी व जलप्लावन वाले क्षेत्रों के लिये उच्च गुणवत्ता वाली अगेती प्रजाति साबित होगी। यह को.जे. 64 का उप्युक्त स्थानापन्न प्रतिनिधि है।

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